द खबर एक्सप्रेस 04 जनवरी 2024। “जब ज़मीर ज़िंदा हो तो बड़े से बड़ा लालच भी ईमान नहीं डिगा सकता” ये कहावत चरितार्थ की है कस्बे के मोमासरबास निवासी गजानंद जी व्यास ने। गौसेवी सेवादार रामप्रताप सारस्वत ने बताया कि मोमासरबास के गजानंद व्यास अपने परिवार सहित पूनरासर धाम हनुमानजी महाराज के दर्शन हेतु गया हुआ था। वहां अंजनी माता मंदिर में दर्शन करते समय एक पर्स मिला जिसमे लाखो के जेवर और नगदी थे। मंदिर परिसर में पूछताछ करने पर पर्स का स्वामी नही मिलने पर उस पर्स को ये घर ले आये और उस पर्स के सभी कागजात देखे तो इस पर्स में पर्स मालिक के मोबाईल नम्बर मिल गए। इन नम्बरो पर बात करने पर पता चला कि ये पर्स शिक्षा विभाग में कार्यरत पीलीबंगा निवासी और श्रीगंगानगर में तैनात सज्जन कुमार कुमावत का है जो परिवार सहित पूनरासर बाला दर्शन हेतु आए थे और अंजनी माता मन्दिर में दर्शन देकर बीकानेर नागणेची जी मन्दिर चले गए। जहाँ उन्हें पर्स गुम होने का पता चला। व्यास ने उन्हें अपने घर बुलाया और उन्हें पर्स को सुपुर्द किया। गौसेवी रामप्रताप सारस्वत के समक्ष उस पर्स को उन्हें वापिस लौटाया गया जिसमें लाखो के गहने सोने की चेंन, नाक व कान की बाली, शिक्षा विभाग का परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एटीएम, गाड़ी की आरसी सहित जरूरी कागजात हैं। पर्स मालिक सज्जन कुमार कुमावत ने श्रीडूंगरगढ़ निवासी गजानंद व्यास का आभार प्रकट किया। स्थानीय मोहल्लेवासियों ने व्यास की ईमानदारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।










