राजस्थान में गुटबाजी ने बढ़ाई BJP की टेंशन, वसुंधरा समर्थक को नोटिस, कितनों की होगी कांग्रेस में एंट्री….?

द खबर एक्सप्रेस 30 अगस्त 2023। राजस्थान में चुनाव से पहले बीजेपी में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। वसुंधरा राजे समर्थक पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल को पार्टी ने नोटिस थमा दिया है। मेघवाल के बयान को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। आलाकमान की ओर से नाराजगी जताने के बाद प्रदेश बीजेपी ने बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि 10 दिन में जवाब नहीं दिया गया तो पार्टी के संविधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बता दें पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को भ्रष्टाचारी नंबर 1 बताया था। कैलाश मेघवाल ने कहा कि वह पीएम मोदी को शिकायती पत्र लिखेंगे। बता दें राजस्थान की राजनीति में वरिष्ठ बीजेपी नेता कैलाश मेघवाल को वसुंधरा राजे समर्थक माना जाता है।

मेघवाल ने की सीएम गहलोत की तारीफ

राजस्थान की राजनीति में अर्जुन राम मेघवाल का कद तेजी से बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने उन्हें कानून मंत्री बनाकर कद बढ़ा दिया। प्रदेश बीजेपी संकल्प पत्र समिति का संयोजक भी अर्जुन मेघवाल को बनाया गया है। मेघवाल को कद तेजी से बढ़ रहा है। जबकि कैलाश मेघवाल जनसंघ के जमाने से ही वरिष्ठ नेता रहे हैं। पूर्व सीएम भैरोसिंह शेखावत और कैलाश मेघवाल ने राजस्थान में बीजेपी की जड़े मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सियासी जानकारों का कहना है कि अब हालात बदल गए है। कैलाश मेघवाल ने विधानसभा सभा चुनाव 2018 राजस्थान में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी । कैलाश मेघवाल ने सीएम गहलोत की खुलकर तारीफ की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि बीजेपी कैलाश मेघवाल को पार्टी से निकालती है तो कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

वसुंधरा समर्थक माने जाते हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री

राजस्थान की सियासत में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे कैंप का नेता माना जाता है। चुनाव में वसुंधरा राजे कैंप पूरी तरह से साइड लाइन है। वसुंधरा राजे को भी पार्टी ने चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी है। सियासी जानकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे के समर्थक नेताओं को धीरे-धीरे पार्टी निकालने की तैयारी की जा रही है। वसुंधरा समर्थक नेता अपना मुंह खोलेंगे तो तुरंत नोटिस मिलेगा। कैलाश मेघवाल को नोटिस थमाना इसी दिशा में माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा और देवी सिंह भाटी को पार्टी ने निकाल दिया था। दोनों ही नेता वसुंधरा राजे समर्थक माने जाते हैं। दोनों की घर वापसी फिलहाल अटकी हुई है। देवी सिंह भाटी बीकानेर से आते है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल नहीं चाहते हैं कि देवी सिंह भाटी की पार्टी में वापसी हो ।

Leave a Comment