श्रीडूंगरगढ़ में गहराता जल संकट, जिम्मेदारों की आंखे बंद

The Khabar Xpress 17 जनवरी 2026। जिम्मेदारों की आंखे बंद होने व अनदेखी से कैसे एक जमे जमाये सिस्टम को गर्त में ढकेला जा सकता है इसका जीवंत उदाहरण है श्रीडूंगरगढ़ का जलदाय विभाग। वैसे तो पूरा जलदाय विभाग ही ठेका सिस्टम पर आधारित है। पेयजल आपूर्ति एवं विभाग के ट्यूबवेल का मेंटेनेंस हो या फिर गली मोहल्ले में हो गए लीकेज को ठीक करना हो। सब ठेके पर ही कार्य होता है। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति हेतु जो जीएलआर एवं बूस्टर लगे होते है उनको भी ठेकाकार्मिक द्वारा ही चलाया जाता है। इस प्रणाली से श्रीडूंगरगढ़ के हालात तो बदतर स्थिति में पहुंच गए है। जलदाय विभाग अभी सिर्फ एक एईएन के भरोसे चल रहा है। शहर में एक जेईएन के पद पर आसीन पदाधिकारी का भी स्थानांतरण किया जा चुका है। अभी कोई भी इस पद पर नहीं है। पूरा सिस्टम ही एईएन के कंधों पर है।