आजादी का जश्न और जिम्मेदारी का सफर, क्या है असली स्वतंत्रता ?

The Khabar Xpress 16 अगस्त 2025। हर 15 अगस्त की सुबह, तिरंगे की पहली लहर के साथ हवा में एक अनकही कसक भी बहती है। भीड़ में गूंजते नारे, स्कूली बच्चों की चमकती आंखें और आज़ादी का गीत — ये सब हमें गर्व से भरते हैं। लेकिन इस गर्व की तहों के नीचे, कहीं एक डर, एक खामोशी, और एक अनसुलझा सवाल दबा है: क्या हम सच में उतने ही आज़ाद हैं जितना तिरंगा हमें दिखाता है ?