आपातकाल के 50 साल: नसबंदी से जेलबंदी तक… इंदिरा गांधी का वो फैसला जिसने बदल दी पूरे भारत की राजनीति, स्वतंत्र भारत के सबसे काले अध्याय की कहानी
25 जून, 1975 को भारत में आपातकाल की घोषणा हुई, जिसे स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। यह इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अमान्य घोषित करने के बाद शुरू हुआ। इस 21 महीने की अवधि में मौलिक अधिकारों को निलंबित किया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। जयप्रकाश नारायण के \”संपूर्ण क्रांति\” के आह्वान के बाद, यह 21 मार्च, 1977 को समाप्त हुआ।