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एक आदर्श घर बनाते वक्त रखे इन वास्तु नियमों का ध्यान, घर मे बनी रहेगी खुशहाली

Published on: November 17, 2024

The Khabar Xpress 17 नवम्बर 2024। वास्तु शास्त्र सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के संतुलन पर आधारित है। वास्तु के अनुसार घर बनवाना बहुत शुभ माना जाता है। घर अगर वास्तु के हिसाब से हो तो हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। सम्पूर्ण घर वास्तु के अनुसार बने ये जरूरी नहीं लेकिन हर घर मे सामान्य वास्तु के नियमो की पालना जरूर करनी चाहिये। दिल्ली प्रवासी श्रीडूंगरगढ़ निवासी डिग्निटी वास्तु के वास्तु आचार्य पवन छंगाणी घर के लिए वास्तु के सामान्य नियम बता रहे है जिनको अपनाकर हम अपने घर मे ऊर्जा प्रवाह को सकारात्मक बढ़ा सकते है।

मुख्य द्वार

स्थान: उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए।

विशेष ध्यान: द्वार मजबूत और आकर्षक होना चाहिए। द्वार के पास गंदगी या रुकावट नहीं होनी चाहिए !

पूजा कक्ष

स्थान: उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है !

विशेष ध्यान: पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए !

रसोईघर (किचन)

स्थान: दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) सबसे उपयुक्त है !

विशेष ध्यान: खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए !

शयनकक्ष (बेडरूम)

स्थान: दक्षिण-पश्चिम दिशा में शयनकक्ष आदर्श है !

विशेष ध्यान: सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर करके सोना चाहिए !

बाथरूम और शौचालय

स्थान: उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में होना चाहिए।

विशेष ध्यान: शौचालय का दरवाजा हमेशा बंद रखें !

ड्रॉइंग रूम और लिविंग रूम

स्थान: उत्तर, उत्तर-पूर्व, या पूर्व दिशा में होना चाहिए !

विशेष ध्यान: बैठते समय मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए !

सीढ़ियाँ

स्थान: दक्षिण या पश्चिम दिशा में सीढ़ियाँ बनाना शुभ होता है !

विशेष ध्यान: सीढ़ियाँ हमेशा घड़ी की सुई की दिशा में घुमावदार होनी चाहिए !

भंडारण और तिजोरी

स्थान: उत्तर दिशा में रखें क्योंकि इसे धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है !

विशेष ध्यान: तिजोरी का दरवाजा उत्तर या पूर्व दिशा में खुलना चाहिए !

खुली जगह और वेंटिलेशन

घर में पर्याप्त खुली जगह और वेंटिलेशन (हवा और रोशनी) का ध्यान रखें !

उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियाँ और दरवाजे रखें !

अन्य सुझाव

  1. घर का केंद्र (ब्रह्म स्थान) सेंटर खाली रखें।
  2. पानी का टैंक उत्तर-पूर्व में रखें।
  3. रंगों का चयन दिशाओं के अनुसार करें – जैसे कि पूर्व में हल्का नीला, दक्षिण में लाल या नारंगी।
  4. घर में हमेशा साफ-सफाई रखें, और वास्तु दोष निवारण के लिए पूजा या अन्य उपाय करें।

इन निर्देशों का पालन करने से घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। आपका दिन शुभ हो मंगल हो !

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