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खबरें दिन भर …. आज की मुख्य खबरे पढ़े एक साथ

Published on: September 7, 2024

The Khabar Xpress 07 सितंबर 2024। The Khabar Xpress लाया है आपके लिए आज शनिवार 7 सितंबर की मुख्य खबरे एक साथ.. खबरे दिन भर की

सुबह की शुरुआत दुर्घटना से…

बीदासर मार्ग धर्मास के पास बालाजी धाम के नजदीक बीती शुक्रवार रात सड़क पर किसी अज्ञात वाहन द्वारा छः गायों की टक्कर मारने से अकाल मृत्यु हो गई। टक्कर मारने से तीन गौवंश घायल और तीन की तुरंत मौके पर मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही सुबह 5:00 बजे ही आसपास के नागरिक और गौसेवी एकत्रित होने लग गए। गौसेवी भागीरथ सिंह पुजारी, विजय सिंह, राधेश्याम गोदारा, रामनिवास प्रजापत अशोक सिंह, भंवर लाल मेघवाल, पूनमचंद ज्यानी शिवलाल प्रजापत, राजू गोदारा सहित ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया 4 घण्टे बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

आज गणेश चतुर्थी पर रही मंदिरों में भक्तों की भीड़

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आज हर्षोल्लास से मनाया गया। कस्बे के बिग्गाबास के गणेश मंदिर, आडसरबास के राम मंदिर, हनुमान धोरा मंदिर को सजाया गया। मंदिरों में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ आज मंदिरों में रही। घरों में भी गणेश जी विराजमान किया गया।

17 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

क्षेत्र के गांव कल्याणसर नया निवासी 17 वर्षीय युवती ने घर वालो के कुछ कहने पर गुस्सा होकर कमरे में जाकर फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। युवती के पिता ने मर्ग दर्ज करवाई।

पर्युषण महापर्व का सातवां दिन – चिंता, अनिंद्रा, अवसाद और तनाव को कम करने का सरल और त्वरित मार्ग है ध्यान :- शासनश्री साध्वी कुंथुश्री

श्रीडूंगरगढ़। पर्युषण महापर्व के सातवें दिन प्रेक्षाध्यान दिवस का आयोजन श्रीडूंगरगढ़ सेवा केंद्र में किया गया।
ध्यान पर साध्वी कुंथुश्री ने फरमाया कि एक आलंबन पर चित्त को एकाग्र करना ध्यान है। आत्मा के द्वारा आत्मा को देखना ध्यान है। ध्यान के चार प्रकारों का विवेचन करते हुए साध्वी ने कहा कि अंतर ध्यान व रौद्र ध्यान अप्रशस्त ध्यान है और धर्म व शुक्ल ध्यान प्रशस्त ध्यान है। प्रशस्त ध्यान से जीव सद्गति को प्राप्त करता है और अप्रशस्त ध्यान से दुर्गति प्राप्त होती है। ध्यान की एकाग्रता के लिए श्वास का आलंबन लिया जा सकता है। दीर्घश्वास से मन एकाग्र होता है और चित्त निर्मल बनता है। जिसकी श्वास प्रेक्षा सध जाती है उसका मन एकाग्र हो जाता है। तत्पश्चात साध्वी ने भगवान महावीर के नंदनमुनि के भव का वर्णन बहुत ही सुंदर शैली में प्रस्तुत किया। साध्वी सुमंगलाश्री ने उत्तराध्ययन सूत्र का वाचन किया और आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा रचित गीत “आत्म साक्षात्कार प्रेक्षा ध्यान के द्वारा” का संगान किया। साध्वी सुलेखा श्री जी ने ध्यान दिवस की महत्ता पर अपने सारगर्भित विचार रखे।

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