जैन समाज ने मनाया क्षमापना दिवस, विगत भूलों के लिए मांगी क्षमा, क्षमा वीरों का भूषण है : साध्वीश्री डॉ. सम्पूर्णयशा

द खबर एक्सप्रेस 20 सितंबर 2023। क्षमा वही कर सकता है जो सक्षम होता है, शूरवीर होता है। कायर व्यक्ति क्षमा नहीं कर सकता। जैन धर्म में अभयदान को महान दान बताया गया है जो क्षमा का ही एक स्वरूप है। यह प्रेरक वक्तव्य सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी डॉ. सम्पूर्णयशा ने क्षमापना दिवस पर समुपस्थित सकल समुदाय को प्रदान किया। साध्वी ने कहा कि क्षमापना दिवस की सार्थकता तभी है जब हमारे द्वारा विगत में हुई भूलों को माफ करके उन्हें भुला दिया जाए और भविष्य में उनका किसी भी प्रकार से दोहराव न हो और ना ही माफ करने वाला व्यक्ति उस बात को भविष्य में वापिस कुरेदे। भगवान महावीर द्वारा क्षमायाचना दिवस का यह सुंदर उपक्रम हमें आत्मा को उज्ज्वल बनाने को दिया है। साध्वी ने कहा कि हमने पर्युषण के दौरान साधना की ओर अग्रसर होने का, स्वयं को देखने का प्रयास किया ताकि आत्मिक कलुषता को दूर किया जा सके। इसके बाद साध्वी ने गुरुदेव, साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा सहित सभी से क्षमायाचना की। और कहा कि साध्वी ने कहा कि हम छदमस्थ है, गलती हो जाती है। अब सभी से क्षमा मांग ले। क्षमा मांगने के बाद पुरानी भेदों को भूलकर सहज बनना है। पर्युषण के 8दिनों बाद और समवत्सरी का उपवास करने के पश्चात सूर्योदय के साथ ही जैन धर्मावलंबी मालू भवन पहुंचे। वहां सभी धर्मावलंबियों ने सर्वप्रथम जैनाचार्य आचार्य महाश्रमण सहित साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा और सभी साधु साध्वियों से भावपूर्ण खमत खामणा करते हुए परस्पर खमतखामणा की। वृद्ध साध्वियों की ओर से साध्वी विवेकश्री ने उद्गार व्यक्त किये। जैन सभा की ओर से अध्यक्ष विजयराज सेठिया, तेयुप की ओर से अध्यक्ष मनीष नौलखा, तेमम से मंत्री संगीता बोथरा, श्री ओसवाल पंचायत की ओर से मंत्री प्रमोद बोथरा ने भावाभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन सभा के मंत्री पवन सेठिया ने किया।

सामूहिक पारणा बना एकजुटता का परिचायक
सभा के मंत्री पवन सेठिया ने बताया कि समवत्सरी के बाद क्षमापना दिवस पर सामूहिक पारणा की सोच लेकर युवक राजू हिरावत ने सर्वप्रथम विचार रखा। इसके बाद मनोज डागा, पवन सेठिया, मणिशंकर सेठिया, महेंद्र मालू ने स्वर्गीय भीखमचन्द सेठिया को व्यवस्था में सहयोग के लिए तैयार किया और एक ऐसा उपक्रम तब से संचालित हो रहा है। इसमें सभा, तेयुप और तेमम मिलकर समाज की एकजुटता का यह सुंदर उपक्रम आयोजित करते है।

Leave a Comment